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Shaligram Shila -210 ( With Lab Certificate)

Shaligram Shila -210 ( With Lab Certificate)
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Product Code: LNI-Shaligram--210 grams
Availability: In Stock
Price: ₹9,000.00
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In this mortal world, I do not accept any of their worship and obeisance’s who have not worshipped the sacred Shaligrama thus says Lord Shiva in a Skanda Purana

Etymologically the word Shaligrama is derived from the word Shali which means God hence the abode Grama  of God came to be known as Shaligrama

Shaligrama sacred stones represent the abstract form of Lord Vishnu and are characterized by the presence of marks which resembles and represent the Sudarshan Chakra which rest on the index finger of Lord Vishnu

Where ever Shaligrama is placed Lord Vishnu makes it as His abode along with Goddess Laxmi. Shaligrama purifies a person and give success in all walks of life

The person who worships Shaligrama with Tulsi leaves every day and partakes the same in the holy presence of the lord get the merit of performing crores of yagnas. 

In Sri Shaligram Shila Stotra it is mentioned good luck increases and one is blessed with progeny and graced in every aspect by worshipping shaligrama which is black in colour and endowed with little Chakras.

Shaligram Shila Puja is incomplete without the leaves of Tulsi. In case the leaves of Tulsi are not available, use Tulsi Mala. 

If you worship more than one Shaligram shila they should be in even number that means one can use 1, 2,4,6,8 etc numbers of Shaligram shilas.

Never place Shaligram Shila on the ground. Never use Akshat (unbroken rice) in the Puja of Shaligram. While bathing the Shaligram Shila and cleaning it do not use your thumbs. Never do aahwahan ( act of invoking or calling upon a deity)  and Visarjan (act of respectfully requesting to departure of the deity) on Shaligram Shiva. Daily Puja of Shaligram is must as it is dwelling place of Lord Vishnu.

Shila shall be dispatched along with lab certificate within 48 hours / 2 business days of receiving order/payment. We shall dispatch by Blue Dart courier service. In case blue dart services are not available to pin code mentioned in shipping address, we shall dispatch by Registered Post.

Same Shaligram Shila and Lab Certificate as in photo shall be dispatched.

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शालिग्राम भगवान विष्णु के प्रतीक माने जाते हैं जैसे भगवान शिव को शिवलिंग के रुप में पूजा जाता है ऐसे ही शालिग्राम शिला को भगवान विष्णु के रूप में  पूजन की महत्ता है । ऐसा कहते हैं भगवान विष्णु की मूर्ति से कहीं ज्यादा उत्तम है शालिग्राम जी की पूजा करना । पुराणों के अनुसार जिस घर में शालिग्राम शिला स्थापित हो वह घर समस्त तीर्थों से भी श्रेष्ठ माना जाता है जिस घर में शालिग्राम जी का पूजन होता है उस घर में लक्ष्मी का सदैव वास रहता है । शालिग्राम जी का पूजन करने से अगले पिछले सभी जन्मों के पाप नष्ट होते हैं  सुख शांति  धन मान पद प्रतिष्ठा की वृद्धि होती है । घर परिवार में कलह  और पितृ दोष की शांति होती है । शालिग्राम शिला की पूजन में तुलसी पत्र की विशेष महत्वता है  भगवान शालिग्राम का पूजन तुलसी के बिना पूर्ण नहीं होता यदि किसी कारणवश तुलसी का पत्र ना मिल पाए तो तुलसी की माला चढ़ानी चाहिए । इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि शालिग्राम शिला कभी जमीन पर ना रखें , घर में सिर्फ एक या सम संख्या में ही विराजमान करके शालिग्राम की पूजा करनी चाहिए मतलब आप 1,2,4,6,8 आदि आदि की संख्या में शालिग्राम शिला को घर में स्थापित कर सकते हैं शालिग्राम शिला में भगवान नारायण विराजमान होते हैं इसलिए भूल कर भी कभी आवाहन , विसर्जन नहीं करना चाहिए  शालिग्राम शिला की सफाई करते समय कभी भी अंगूठे का प्रयोग ना करें , भूलकर भी अक्षत का प्रयोग शालिग्राम शिला की पूजन में ना करें हो सके तो नित्य प्रतिदिन शालिग्राम शिला को  जल से स्नान करा करके उसके ऊपर चंदन अर्पित करें तुलसी का पत्ता अर्पित  दीपक  जलाएं और भोग लगाएं जो जल  आपने शालिग्राम शिला के स्नान में प्रयोग किया है  उस जल को घर के सभी सदस्य थोड़ा-थोड़ा ग्रहण करें और उस जल के घर में छिड़काव करें  ऐसा करने से घर में  सुख समृद्धि में वृद्धि होती है विशेष फल प्राप्ति हेतु शालिग्राम शिला के समीप बैठ कर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें

 

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